दुनिया में पहली बार कब और कहां लगी थी ट्रैफिक लाइट - when and where first traffic light installed in the world

 


शहरों के चौराहे पर जिस ट्रैफिक सिग्नल की लाल बत्ती को देखकर आप अपनी गाड़ी का ब्रेक दबा देते हैं. क्या कभी सोचा है कि ये लाइट पहली बार कहां लगी होगी और तब इसका स्वरूप कैसा होगा. स्कूल में हम सभी ने लाल, हरी और पीली लाइट के बारे में पढ़ा है, लेकिन इसकी शुरुआत के बारे में कम ही लोगों को जानकारी होगी. ट्रैफिक सिस्टम को इलेक्ट्रिक ट्रैफिक सिग्नल से काफी हद तक मदद मिली है. तो चलिए आज जानते हैं सड़कों पर हमें रूकने और आगे बढ़ने के निर्देश देने वाली ट्रैफिक लाइट के बारे में |

पहली बार रेलगाड़ी के लिए हुआ इस्तेमाल- ट्रैफिक लाइट की शुरुआत सबसे पहले रेलगाड़ी के लिए हुई थी. तब रेल सिंगल लाइन पर दौड़ा करती थी और उनके आने-जाने का समय निर्धारित नहीं था. इसकी वजह से दुर्घटना का खतरा निरंतर बना रहता था. इसलिए सिग्नल लाए गए. तब के सिग्नल बॉल और पतंग के आकार के होते थे. मतलब, यदि आकाश में पतंग दिखाई देती, तो ये खतरे का संकेत होता और बॉल दिखती तो रास्ता साफ होता. साल 1841 में पहली बार लंदन रेलवे में आज के जैसे सिग्नल का प्रयोग किया गया. रेलवे में सिग्नल सिस्टम शुरू होने के बाद लंदन की सड़कों पर भी ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम को लागू किया गया |

गैस से चलले वाली पहली लाइट

गैस से चलने वाली पहली रेड लाइट साल 1868 में लंदन में लगाई गई थी. लेकिन ये सुरक्षित नहीं थी. इसमें गैस रिसने की वजह से धमाका हो जाता था. तब ट्रैफिक लाइट का इस्तेमाल घोड़ागाड़ी, माल ढोने वाले रेहड़ों और पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए होता था. साल 1914 में पांच अगस्त के दिन अमेरिका के ओहायो में दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक ट्रैफिक लाइट का इस्तेमाल हुआ. जिसका अविष्कार किया था मिशेगन के पुलिस ऑफिसर विलियम पॉट्स ने |

पहली बार जब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जोड़ा गया

साल 1920 में विलियम ने वुडवर्ड और मिशेगन की गलियों में पहली बार ऐसी ट्रैफिक लाइट का प्रयोग किया, जिसमें लाल और हरे रंग की बत्ती थी और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जोड़ा गया था. अमेरिकी ट्रैफिक सिग्नल कंपनी ने ओहायो के क्लीवेलैंड में ईस्ट 105 स्ट्रीट और यूस्लिड एवेन्यू के बीच पहली इलेक्ट्रिक ट्रैफिक लाइट लगाई थी. इसमें तब लाल और हरा दो ही रंग होते थे. इसमें एक बजर भी था, जो लाइट बदलने से पहले संकते देता था.

आज ट्रैफिक लाइट तीन रंगों में काम करती है. कई दशकों से लाल, पीली और हरी बत्तियां हमारे शहरों के ट्रैफिक सिस्टम को संभाल रही हैं. भारत में पहली बार 1953 में चेन्नई शहर में पहली बार ट्रैफिक लाइट सिग्नल का इस्तेमाल किया गया था. इसके लगभग 10 साल बाद बेंगलुरु शहर में पहली बार ट्रैफिक लाइट सिग्नल का इस्तेमाल किया गया|

 

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