भारतीय नोट के बारे 7 रोचक तथ्य - 7 interesting facts about indian currency



नोट पर छपी होती है एक तस्वीर
 आप लोगो ने देखा होगा कि भारतीय नोट पर कई तरह के चित्र बने रहते हैं। इसमें इंसान, जानवर, प्रकृति और आजादी से जुड़ी तस्वीरें छपी होती है। 20 रुपए के नोट पर अंडमान आइलैंड, 10 रुपए के नोट पर हाथी, गैंडा और शेर, 100 रुपए के नोट पर पहाड़ और बादल, 500 रुपए के नोट पर आजादी के आंदोलन से जुड़ी 11 मूर्ति की तस्वीर छपी होती है।
17 भाषाओं में लिखी होती है कीमत
भारतीय नोट में हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 15 भाषाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू भाषा में उसकी कीमत लिखी होती है।
1954 में छापे गए थे 10,000 और 5,000 रुपए का नोट
जब भारत में रिजर्व बैंक ने साल 1938 में पहली बार 10,000 रुपए का नोट छापा था। जनवरी 1938 में पहली पेपर करंसी छापी थी, जो 5 रुपए नोट की थी। इसके बाद  रिजर्व बैंक के द्वारा 10 रुपए, 100 रुपए, 1,000 रुपए और 10,000 रुपए के नोट भी छापे गए थे।
वित्त मंत्रालय जारी करता है एक रुपए का नोट
वैसे तो नोट भारत में नोट जारी करने का अधिकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का होता है। लेकिन, एक रुपए का नोट वित्त मंत्रालय जारी करता है। इसपर आरबीआई गवर्नर की जगह वित्त सचिव का सिग्नेचर होता है।
कई देशो मैं करेंसी के रूप मैं इस्तेमाल होते है रुपये
हमारे देश भारत के अलावा  इंडोनेशिया, मॉरीशस, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका की करंसी में भी रूपए का ही इस्तेमाल किया जाता है।
नेपाल में नहीं चलता 500 और 1000 रुपए का नोट
भारत के पड़ोसी देश नेपाल ने भारतीय 500 और 1000 रुपए के नोट पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इन नोट के साथ वहां पकड़े जाने पर आपको सजा मिलती है।
फटा नोट नहीं होता है बेकार


 

आरबीआई की गाइडलाइन्स के अनुसार, फटा और 51 फीसदी से ज्यादा फटा नोट , पुराना और गंदा नोट किसी भी बैंक की शाखा में जाकर बदला जा सकता है। वह नोट कभी बेकार नहीं होता है।

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